एक अजनबी से मुझे इतना प्यार क्यों है; इंकार करने पर चाहत का इकरार क्यों है. एक अजनबी से मुझे इतना प्यार क्यों है; इंकार करने पर चाहत का इकरार क्यों है.
बहुत कुछ कहना होता है दोनो को, पर कोई शब्द न होता दोनो के पास, बस आँखें ही बात करती है दोनो की...... बहुत कुछ कहना होता है दोनो को, पर कोई शब्द न होता दोनो के पास, बस आँखें ही बात क...
हम बीच मंझधार में फँसे ना होते, काश तेरा नाम दिल पर लिखे ना होते, तुझे एक पल भी ना देखती मेरी निगाहे... हम बीच मंझधार में फँसे ना होते, काश तेरा नाम दिल पर लिखे ना होते, तुझे एक पल भी ...
लालच में टाॅफी के, तुम कभी न आना। अगर हो जाये ग़लती, तो तुम न घबराना लालच में टाॅफी के, तुम कभी न आना। अगर हो जाये ग़लती, तो तुम न घबराना
यूं मेरे जिस्म और लब पर तेरे निशां छोड़ जाना क्या यही प्यार है ? यूं मेरे जिस्म और लब पर तेरे निशां छोड़ जाना क्या यही प्यार है ?
दुनियादारी भी रही कुछ थी बेपरवाहियाँ कुछ तो वो मग़रूर थे कुछ थे ज़िद्दी फ़ासले दुनियादारी भी रही कुछ थी बेपरवाहियाँ कुछ तो वो मग़रूर थे कुछ थे ज़िद्दी फ़ासले